Garhwal Defence Academy

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कह दो आसमां से कि हमनें अपने कोश में हार नहीं लिखा है।

आज वक्त हमारा है। ऐ आसमां हौसला देख! तेरे सीने को चीर देने की हिम्मत जुट रहा है सीने में मेरे। हजारों बार गिर कर उठा और टूट कर जुड़ा हूं। जिस्म से बंधा हूं वरना आने दे वह पल ; जब बता दुंगा तुझे कि में भी तो किताब एक खुला सा हूं।।

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