मेरा देश सुरक्षित हाथों में

समन्दर में हिमालय की गहराई हो तुम। बर्फीली हवाओं को चीरने वाली सूरज की तपन हो तुम।तुम क्या जानो दोस्तों देश की शान ए हिफाजत हो तुम।।

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